Thursday, 12 December 2013

चलो एक बार फिर नवोदय चलते हैं.................

JNV Confession page pic 
चलो एक बार फिर नवोदय चलते हैं. तुम आठवीं में पढ़ना मैं दसवीं में. सुबह वाली पीटी में चना बाटूंगा तुम गुड़. पीटी के बाद सब चल जायेंगे हम सर से बात करने के बहाने कुछ और देर साथ रह लेंगे.
मॉर्निंग असेम्ब्ली में मैं जब स्टेज से कमांड करूँगा तो तुम आगे वाली पंक्ति में खड़ी होना. मेरे सामने रहना पीछे दूर मत चली जाना.
अपने क्लास में तुम पहले बेंच पे बैठना. तुम उस समय आगे से दूसरे बेंच पे बैठा करती थी. और बाहर से दिखती नही थी. एक बार तुम क्लास में इंटर करती फिर तुम्हारे दर्शन के लिए ब्रेक तक इन्तजार करना पड़ता. तुमको देखने के चक्कर में कितनी बार टीचर्स से डाँट सुना.
और हाँ सुपरवाइज स्टडी के समय भी अपने क्लास में मत घुस जाना. ऐकडेमिक ब्लॉक के ऊपर वाली छत कि तरफ मैं बैठ के पढ़ाई करूँगा. तुम अपनी सहेली के साथ उधर ही पढ़ने जाया करना.
मुझे पता है तुम इस बार भी टॉप करोगी. लेकिन पिछली बार कि तरह मैं इस बार कम से कम पीछे से टॉप नहीं करूँगा.
इस बार तुम भी वॉली-बॉल खेलना. हम दोनों साथ तो नहीं खेल पाएंगे. लेकिन मैडम से बोल के गर्ल्स-बॉयज टीम की साथ-साथ प्रैक्टिस कराएँगे. हम कलस्टर, रीजनल, नेशनल साथ साथ जायेंगे.
इस बार जब मैं बैटिंग करने पिच पे उतरूं तो खिड़की से नीचे एक कागज गिरा देना। मैं समझ जाऊंगा तुम देख रही हो. पहले तो मैं जैसे ही पिच पे पहुँचता खड़ाक से तुम्हारे खिड़की के बंद होने कि आवाज आती. मैं आउट होता वो खिड़की फिर से बजती और तुम फिर से जाती. (हमारा क्रिकेट ग्राउंड गर्ल्स हॉस्टल के पीछे था.)
चलो एक बार फिर नवोदय चलते हैं.
इस बार मैं जब डरते डरते तुमसे बात करने पहली बार जाऊं तो सर के पास शिकायत करने मत चल जाना। पिछली बार कि तरह मुझे दस दिनों के लिए घर मत भेजवा देना.
और जब पहली बार तुमको प्रोपोज करूँ तो फिर से भैया मत बोल देना। मेरा इतना कहना था कि वो जोर जोर से हंस पड़ी. और सबके सामने उसने फिर से भैया कह दिया था.
लेकिन इस बार तो उसकी बहन बगल में खड़ी थी. तपाक से बोली, "दीदी। तुम भैया कहो तो कहो मैं तो जीजाजी ही कहूँगी।"